अदालत का एक ऐसा फैसला जिसने एक बार फिर भड़की अमेरिका में नस्लवाद की आग

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वाशिंगटन, अमेरिका के विस्कोंसिन राज्य में एक अदालती फैसले ने एक बार फिर से देश में नस्लीय तनाव को भड़का दिया है। शुक्रवार को फैसले के एलान के कुछ घंटों के अंदर ही कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए।

ऑरेगॉन राज्य के पोर्टलैंड में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई इमारतों के शीशे तोड़ दिए। फैसला विस्कोंसिन राज्य के किनोशा शहर में पिछले साल हुई नस्लीय हिंसा के मामले में आया। अदालत ने काइल रिटेनहाउस नाम के एक नौजवान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। जबकि रिटेनहाउस पर आरोप था कि उसने नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन में शामिल दो लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। रिटेनहाउस ने 36 वर्षीय जोसेफ रोसेनबॉम और 26 वर्षीय एंथनी हुबर की हत्या की थी। उसकी राइफल से चली गोली से 27 वर्षीय ग्ग ग्रोसक्रेउत्ज नाम का एक व्यक्ति जख्मी भी हो गया था। ये घटना अगस्त 2020 में हुई थी।

अखबार द गार्जियन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि किनोशा कांड पर आए फैसले ने श्वेत और अश्वेत दोनों समुदायों के बीच खाई और बढ़ा दी है। श्वेत कंजरवेटिव गुटों ने रिटेनहाउस का मुकदमा लड़ने के लिए चंदा इकट्ठा किया था। किनोशा में नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन जैकब ब्लेक नाम के ब्लैक व्यक्ति के पुलिस की गोली से घायल होने की घटना के विरोध में आयोजित हुआ था। उसी दौरान रिटेनहाउस ने अपनी राइफल से फायरिंग कर दी थी।

रिटेनहाउस के बरी होने पर आलोचकों ने इसे अमेरिकी न्याय व्यवस्था में मौजूद अन्याय की मिसाल बताया है। ब्लैक समुदाय के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन एनएएसीपी (नेशनल एसोसिएशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ कलर पीपुल) ने एक ट्वीट मे कहा, ‘ये फैसला एक कलंक है। लोग पुलिस की क्रूरता और हिंसा के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठे हुए थे। इसमें जिन लोगों को मार डाला गया, उनके साथ न्याय करने में ये फैसला विफल रहा है।’ सिविल राइट्स नेता मार्टिन लुथर किंग जूनियर की बेटी बर्निस किंग ने कहा, ‘मुद्दा सिर्फ यह फैसला नहीं है। यह एक जारी परिघटना का हिस्सा है। अगर अभियुक्त एक ब्लैक व्यक्ति होता, तो फैसले में जो अंतर होता, हमें उस संस्कृति के खिलाफ गोलबंद होना होगा।’

राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया में अदालत के फैसले का समर्थन किया। इससे वे भी आलोचना के केंद्र में आए गए। आलोचकों ने ध्यान दिलाया कि पिछले साल जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किनोशा घटना की निंदा नहीं की थी, तब बाइडन ने उसकी आलोचना की थी। लेकिन अब उन्होंने अदालती फैसले को इस बात की मिसाल बताया है कि अमेरिका में न्याय व्यवस्था कारगर है।

बाद में राष्ट्रपति ने एक दूसरा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, ‘किनोशा संबंधी फैसले से बहुत से अमेरिकियों में गुस्सा पैदा होगा। मैं भी आक्रोश में हूं। लेकिन हमें यह अवश्य स्वीकार करना चाहिए कि जूरी ने अपना फैसला दिया है। मैं सभी अमेरिकियों को करीब लाने के अपने संकल्प पर कायम हूं।’ लेकिन हाउस ऑफ रिप्रजेंटिव पार्टी की डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रोग्रेसिव सदस्य कोरी बुश ने एक ट्विट में कहा, ‘यह सिस्टम श्वेत चरमपंथियों को जवाबदेह बनाने के लिए नहीं बना है।’ उधर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने बरी होने के लिए रिटेनहाउस को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रिटेनहाउस ने आत्म-रक्षा में गोली चलाई थी और यही बात साबित हुई है।

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