बहुजन समाज पार्टी अपने साथ जोड़ेगी ढाई लाख वित्तविहीन शिक्षक, चलाएगी अभियान

लखनऊ, बसपा वित्तविहीन शिक्षकों को अपने साथ जोड़ कर बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। प्रदेश में करीब 18 हजार स्कूलों में 2.43 लाख वित्तविहीन शिक्षक पढ़ा रहे हैं। बसपा इन्हें अपने साथ जोड़कर यह संदेश देना चाहती है कि वह सत्ता में आने पर ऐसे वर्गों के लिए बहुत कुछ करेगी।

प्रदेश में 47546 संविदा और 273657 आउट सोर्सिंग के कर्मचारी हैं। इसके अलावा संविदा के आधार पर ग्राम रोजगार, शिक्षा मित्र, आशा बहुओं के साथ वित्तविहीन शिक्षकों का एक बड़ा समूह है। इस समूह का बड़ा वोटबैंक है। मायावती इसीलिए इस बार इसे मुद्दा बनाकर इनका वोटबैंक हासिल करना चाहती हैं। मायावती ने प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी के समापन पर लखनऊ में सात सितंबर को ऐलान किया है कि सत्ता में आने पर वित्तिविहीन शिक्षकों के लिए आयोग बनाकर उनका भला करेंगी।

इसके आधार पर इन्हें बसपा के साथ जोड़ने की जिम्मेदारी पार्टी राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र और उनकी पत्नी कल्पना मिश्रा को सौंपी गई है। प्रयागराज में महिला सम्मेलन के दौरान वित्तविहीन शिक्षकों को बुलाया गया और उनसे विचार-विमर्श किया गया। बसपा पूरे प्रदेश में इस तरह का अभियान चलाएगी। बसपा इसके साथ ही मुस्लिमों को जोड़ने का अभियान चलाने जा रही है। खासकर पश्चिमी और पूर्वी यूपी के लिए नेताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

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