बदनामी और ब्लैकमेलिंग के डर से वकील ने गोमती में कूदकर की आत्महत्या, एक महीने बाद होने वाली थी शादी

खनऊ गोमतीनगर के रिवर फ्रंट पुल से गुरुवार दोपहर एक वकील ने गोमती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। लोगोंं ने उसे नदी में छलांग लगाते देख पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय गोताखोरों व एसडीआरएफ की मदद से उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, अभी तक की छानबीन में सामने आया है कि वकील को कोई ब्लैकमेल कर परेशान कर रहा था। बदनामी के डर से उसने मौत को गले लगा लिया। परिजनों को मामले की जानकारी दे दी गई है।

पुल पर बाइक खड़ी कर लगा दी छलांग
विभूतिखंड के वास्तुखंड 2 स्थित कठौता झील के पास रहने वाले नसीर मंसूर (30) परिवार संग रहता था। बताया जा रहा है कि वह लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। गुरुवार दोपहर वह घर से कोर्ट जाने के लिए बाइक नंबर यूपी 32 एलके 7192 से निकला। करीब 1 बजे के आसपास उसने गोमतीनगर स्थित रिवर फ्रंट पुल पर रोड किनारे बाइक लगाई। रिवर फ्रंट पुल पर मौजूद लोगों का कहना है कि काफी देर तक नसीर मोबाइल में कुछ देखते रहे इसके बाद उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। उन्हें कूदता देख लोग दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने गोताखोरों को उसकी तलाश में लगाया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जो बॉडी खोजने का प्रयास करती रही।

एफबी हैक होने का किया था पोस्ट
पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि नसीर की फेसबुक आईडी किसी ने हैक कर ली थी। उसकी फोटो पर आपत्तिजनक कमेंट कर छवि धूमिल करने के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था। उसे धमकी दी जा रही थी कि उसे बदनाम कर दिया जाएगा। इस मामले में नसीर ने 9 जुलाई को आईडी हैक होने की जानकारी देते हुए अपने अकाउंट पर पोस्ट भी किया था। ब्लैकमेलिंग के कारण नसीर काफी परेशान रहने लगा था और डिप्रेशन में आकर उसने मौत को गले लगा लिया।

मोबाइल डाटा से खुलेगी मामले की पोल
इंस्पेक्टर का कहना है कि नसीर के मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है। उसमें मौजूद डाटा और सोशल मीडिया अकाउंट को चेक किया जाएगा। उसे कौन परेशान कर रहा था और किस लिए, इसका खुलासा तभी हो पाएगा। घरवालों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए गोमतीनगर पुलिस साइबर क्राइम से भी मदद ले ही है।

एक माह बाद होनी थी शादी
वकील नसीर मंसूर की एक माह बाद शादी होनी थी। परिवार वाले शादी की तैयारी कर रहे थे। वहीं उसे इस कदर ब्लैकमेल किया जा रहा था कि होने वाली रिश्तेदारी में भी बदनाम होने के डर से वह परेशान था। नसीर के गोमती नदी में छलांग लगाने की सूचना पाकर परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। शाम 6 बजे तक नदी में उसकी तलाश जारी रही लेकिन उसका पता नहीं चला। एसडीआरएफ व स्थानीय पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।

सोशल मीडिया पर कैसे जाल में फंसा कर करते हैं ब्लैकमेल
अगर कोई व्यक्ति किसी पॉर्न साइट, डेटिंग साइट या फिर किसी ऐसी साइट को विजिट करता है जो सिक्योर नहीं है तो हैकर सॉफ्टवेयर से आपकी सर्फिंग डिटेल का बैकअप तैयार कर लेते हैं। इसके बाद वे उस साइट को विजिट करने वाले का मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट तलाशते हैं और उससे जुड़कर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं।

युवाओं को निशाना बना रहा गिरोह
गैैंग सर्वाधिक युवाओं को निशाना बना रहा है। इसके लिए कई तरह के एप्लीकेशंस तैयार किए गए हैं। गिरोह में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे पहले लिंक भेज कर एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया जाता है। इसके बाद लोगों को नार्मल चैट, वीडियो चैट व अश्लील चैट समेत अन्य की सूची भेजी जाती है। इसके लिए शुल्क भी लिया जाता है। अगर कोई व्यक्ति चैट करने से इनकार करता है तो उसे डेमो दिखाने के नाम पर झांसे में लेते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल कर अश्लील तस्वीरें व वीडियो दिखाते हैं। गिरोह इस दौरान स्क्रीन रिकॉर्डर व अन्य तकनीक का इस्तेमाल कर सामने वाले का वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद जालसाज युवकों को ब्लैकमेल करना शुरू करते हैं। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लोगों से मोटी रकम मांगी जाती है। अगर कोई व्यक्ति रुपये देने से इनकार करता है तो वह उसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स या अडल्ट वेबसाइट्स पर अपलोड कर देते हैं।

वायरल करने की धमकी
इस तरह के मामलों के शिकार ऐसे लोग होते हैं जिनकी समाजिक प्रतिष्ठा अधिक होती है। वे डर के चलते इसकी शिकायत भी नहीं करते हैं और आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं।

लड़कियों के नाम से करते हैं दोस्ती
वे सोशल साइट्स पर लड़कियों के नाम से पहले दोस्ती करते हैं और फिर परेशान कर वसूली करना शुरू कर देते हैं। राजधानी में ऐसे दर्जनों मामले आ चुके हैं। शादीशुदा लोगों को इसमें अधिक शिकार बनाया जाता है। परिवार बिखरने के डर से ऐसे लोग आसानी से ठगों को पैसे दे देते हैं। हालांकि, एक बार अगर आप ने पैसे दे दिए तो पैसे की डिमांड बढ़ती चली जाती है और इससे परेशान होकर कुछ लोग तो आत्महत्या जैसा कदम भी उठा चुके हैं।

जाल में फंसें तो क्या करें
तमाम सावधानियों के बाद भी अगर आप ब्लैकमेलर्स के जाल में फंस जाते हैं तो बिल्कुल भी घबराए नहीं, क्योंकि ब्लैकमेलर्स केवल वीडियो वायरल करने की धमकी देते हैं। आप ये कदम उठा सकते हैं…
– ब्लैकमेलिंग की कॉल आने पर तत्काल साइबर क्राइम सेल में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यहां आपका नाम व पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
– स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगे और अपनी पहचान व नाम को गोपनीय रखने की बात कहें।
– सोशल मीडिया अकाउंट को तत्काल बंद कर दें और इसकी सूचना पहले अपने साथियों व फैमिली को दें।

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