पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद की लखनऊ स्थित 8 करोड़ की संपत्ति कुर्क, पुलिस ने की डुगडुगी बजा कर कार्यवाही

लखनऊ, गुजरात के साबरमती जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद की लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित इंद्रापुरी में आठ करोड़ की संपत्ति पुलिस ने कुर्क कर दी है। बुधवार को यह कार्रवाई प्रयागराज व लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस ने किया।

वहीं इसके पहले आज ही प्रयागराज में भी दो संपत्तियों की कुर्की की है। बुधवार को कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इन संपत्तियों को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत चिह्नित किया था।

प्रयागराज में पूर्व सांसद अतीक अहमद के दो भूखंडों को बुधवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया। पुलिस बल और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नोटिस बोर्ड लगाया। करीब आठ करोड़ कीमत की इस संपत्ति को कुर्क करने के बाद पुलिस और प्रशासन ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है। धूमनगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में कुर्की की इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही जिलाधिकारी ने माफिया अतीक अहमद की करोड़ों की इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए प्रयागराज पुलिस को अनुमति दी थी। कुर्की की कार्रवाई के दौरान एसपी क्राइम प्रयागराज सतीश चंद्र, सीओ सिविल लाइन-2 एनएन सिंह, एसीपी आशुतोष कुमार , एसडीएम बीकेटी, इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौर्य, मड़ियांव इंस्पेक्टर अनिल सिंह, टीपीनगर चौकी प्रभारी सुभाष सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस मौजूद थी।

पूर्व सांसद अतीक की लखनऊ फैजुल्लागंज में संपत्तियों को चिह्नित करने का काम धूमनगंज के टीपी नगर चौकी प्रभारी सुभाष सिंह को दिया गया था। वह पिछले एक सप्ताह से लखनऊ में रहकर संपत्तियों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे थे। वहीं तीन दिन पहले फैजुल्लागंज के इंद्रापुरी की इस 8600 वर्गफीट की संपत्ति को चिह्नित किया था। जिसकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजा। पुलिस के मुताबिक अभी कुछ और संपत्तियों की सूचना मिली है। जिसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

अतीक अहमद इस समय गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। अतीक अहमद के खिलाफ प्रयागराज के थानों में 96 मुकदमे दर्ज हैं। धूमनगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी के तहत अलग-अलग जिलों में स्थित उसकी बेनामी संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क किया जा रहा है। अतीक के खिलाफ कृ़ष्णानगर के प्रॉपर्टी कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में बंधक बनाकर पीटने व करोड़ों की संपत्ति लिखवाने का केस दर्ज था। इस मामले में अतीक के बेटे व उसकी पत्नी भी आरोपी है।

प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसने का विशेष अभियान चलाया। इसके तहत अवैध रुप से हासिल की संपत्तियों को चिह्नित कर जब्त करने की कार्रवाई शुरू की है। इस मामले में प्रदेश के दो माफियाओं अतीक अहमद और पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी की करीब 1500 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसमें एक हजार करोड़ की संपत्ति अतीक अहमद की है। पिछले कुछ दिनों में 100 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। जबकि मुख्तार की अब तक करीब 500 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

अतीक अहमद के बंगले पर मकान नंबर 83ए ए ब्लॉक लिखा है। पुलिस ने रजिस्ट्री कार्यालय में जो जानकारी जुटाई है उसमें मकान नंबर 537 एफ /166 लिखा है। फैजुल्लागंज के इंद्रापुरी में स्थित अतीक की पत्नी शाईस्ता परवीन के नाम से दर्ज इस बंगले के पते में काफी फर्जीवाड़ा है। बंगला इंद्रापुरी में है। जबकि पुलिस के पास जो पता है उसमें फैजुल्लागंज के शेरवानीनगर दर्ज है। बंगला करीब 8600 वर्गफीट में बना है। जिसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये हैं। एसपी क्राइम प्रयागराज सतीश चंद्र के मुताबिक पते में अंतर दिखाई दे रहा है। इसकी जांच कराई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सुपुर्द करेंगे। इसके बाद केस भी दर्ज किया जाएगा।

करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पुलिस मुख्य द्वार से अंदर जाने का प्रयास किया तो सफल नहीं हो सकी। पिछले गेट से अंदर दाखिल हुई तो अतीक का नौकर मिल गया। उससे काफी देर तक बंगले में रहने वाले लोगों के बारे में पूछताछ की गई। इसके बाद नौकर के सारे सामान बाहर कराये गये। फिर हर कमरों में ताला लगाकर सील किया गया।

पुलिस के हाथ सिर्फ भवन व कुछ सामाग्री ही लगी। पुलिस की कार्रवाई की सूचना माफिया के गुर्गों को लग गई थी। गुर्गो ने एक दिन पहले ही कीमती सामान जैसे टीवी, एसी, फ्रिज व अन्य लक्जरी सामान लेकर निकल गये। देर रात तक डाला लगाकर सामान निकाला जाता रहा। वहीं इसकी जानकारी मड़ियांव पुलिस को नहीं हो सकी। जबकि कुर्की स्थल से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर मड़ियांव थाने की पुलिस चौकी भी है।

कालोनी में अचानक शाम करीब 6 बजे डुगडुगी बजने लगी। बिन मौसम के नगाड़े व तासे की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल गये। कुछ छतों पर खड़े हो गये। देखते देखते काफी भीड़ जुट गई। पुलिस पूर्व सांसद व माफिया के घर के अंदर दाखिल हुई और कुर्की की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान प्रयागराज के धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्या कुर्की की उद्घोषणा कर रहे थे। बाहर निकलने के बाद मेन गेट पर ताला लगाकर सील किया गया। इसके बाद बोर्ड भी लगाया गया।

बंगले पर एक वकीलों के नाम का बोर्ड लगा था। जैसे ही कुर्की की सूचना मिली है। वकीलों का गुट वहां पहुंचा। अतीक के बंगले के मुख्य दरवाजे से अपने नाम का बोर्ड खोलने लगे, लेकिन मीडिया के जमावड़े के कारण वह ऐसा करने में असफल रहे। जबकि हड़बड़ाहट में बोर्ड को फाड़ दिया। पुलिस ने बोर्ड को भी जब्त कर लिया है।

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