खाकी हुई दागदार, रेस्त्रां संचालक ने 8 पुलिस वालों पर 40 लाख लूटने का लगाया आरोप, दर्ज हुई एफ आई आर.

लखनऊ, डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम में तैनात आठ पुलिस वालों के खिलाफ मंगलवार को कानपुर के काकादेव थाने में डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर लिखा गया है।

एफआईआर लिखाने वाले रेस्त्रां संचालक मयंक ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिस वाले उसे 24 जनवरी को जबरन बंधक बनाकर लखनऊ ले गये और कैंट कोतवाली में बंधक बनाकर पीटा। छोड़ने के नाम पर उनके दो मामा से 40 लाख रुपये वसूले। इस एफआईआर के दर्ज होते ही कानपुर और लखनऊ पुलिस में हड़कंप मच गया।

 

शास्त्रीनगर निवासी मयंक सिंह बीबीए का छात्र है। वह एक रेस्त्रां भी चलाता है। मयंक के मुताबिक 24 जनवरी को वह दोस्त आकाश के साथ काकादेव स्थित एक चाय के होटल पर गया था। उसी दौरान कुछ लोग उसे जबरन कार में बैठा कर ले गए थे। मयंक के अनुसार कार से उसे लखनऊ की कैंट कोतवाली लाया गया था। जहां मयंक के मामा दुर्गा भी मौजूद थे। युवक के अनुसार उसे कार में जबरन बैठाने वाला व्यक्ति डीसीपी पूर्वी की क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा था। मयंक के अनुसार उसे व उसके मामा को हिरासत में लिए जाने का कारण भी नहीं बताया गया।

मयंक ने आरोप लगाया कि सब इंस्पेक्टर रजनीश ने उसके दूसरे मामा विक्रम सिंह को फोन कर 40 लाख रुपये देने के लिए कहा था। इतनी बड़ी रकम देने में विक्रम ने असमर्थता जताई थी। इस पर उसे कोतवाली में बंधक बना कर रखा गया था।

मयंक ने बताया कि मामा दुर्गा को पुलिस वाले कल्याणपुर ले गए थे। आरोप है कि पुलिस वालों ने दुर्गा के घर से 30 हजार रुपये और सवा लाख के गहने लूटे थे। वहीं, रिश्तेदार अजय सिंह से आरोपी पुलिसकर्मियों ने 40 लाख रुपये वसूले थे।

मयंक के मुताबिक लूट के बाद पुलिस कर्मियों ने उसे गोमतीनगर विस्तार थाने के एक मुकदमे में फंसा दिया था। पीड़ित के परिवार ने पुलिसकर्मियों की ज्यादती के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। जहां से आदेश मिलने के बाद इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा समेत आठ पुलिस कर्मियों के खिलाफ मारपीट और डकैती की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है।

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