जानिए पैन कार्ड के दस नंबरों का राज़, हर अक्षर की अपनी अलग कहानी है।

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नई दिल्ली, पैन यानी कि परमानेंट अकाउंट नंबर. पैन दरअसल 10 अंकों और अक्षरों का मिला जुला (alphanumeric) यूनिक नंबर है जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जारी करता है. पैन में दिए गए 10 अंकों और अक्षरों का खास महत्व है और उससे कुछ खास संकेत और जानकारियां मिलती हैं. पैन पर लिखे अक्षर और अंकों को देखें तो शुरुआती के पांच अक्षर वर्ण के क्रम के अनुसार (alphabetic series) होते हैं जो AAA से ZZZ तक होते हैं. जैसे ALWPG5809L.

पैन का चौथा अक्षर (ALWPG5809L में लिखा गया P) पैन होल्डर के स्टेटस के बारे में बताता है. यह अक्षर A,B,C,F,G,H,J,L,P,T हो सकता है. इनमें से कोई अक्षर पैन का चौथा वर्ण हो सकता है. इन सभी अक्षरों का अपना-अपना संकेत है।

अक्षरों से ही सभी बात समझी जा सकती है. A लिखने का अर्थ है एसोसिएशन ऑफ परसन (AoP), B का अर्थ है बॉडी ऑफ इंडिविजुअल (BoI), यहां सी मतलब कंपनी से है, F का अर्थ है फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप, G का अर्थ गवर्मेंट एजेंसी, H यानी कि हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF)।

इसी तरह, अगर चौथा अक्षर J लिखा है तो इसका अर्थ है आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल परसन, L अक्षर लिखा हो तो इसका अर्थ है लोकल अथॉरिटी, P से अर्थ किसी व्यक्ति (individual) से है जबकि यहां T लिखा हो तो उसे ट्रस्ट (trust) मान कर चलें. ऊपर उदाहरण के लिए दिया गया पैन (काल्पनिक) ALWPG5809L में चौथा अक्षर P है. इससे पता चलता है कि यह पैन किसी व्यक्ति का है, न कि किसी ट्रस्ट, सरकारी एजेंसी या लोकल अथॉरिटी का।

 

पैन का पांचवां अक्षर भी बेहद खास होता है. यह पैन होल्डर के अंतिम नाम या सरनेम का पहला अक्षर बताता है. यह तभी होता है जब पैन किसी व्यक्ति का हो, न कि संस्था या ट्रस्ट का. अगर पैन किसी व्यक्ति का न होकर किसी एजेंसी, अथॉरिटी, ट्रस्ट या एचयूएफ आदि का हो तो उसका पांचवां अक्षर पैन होल्डर के नाम का पहला अक्षर बताता है. ALWPG5809L में पांचवां अक्षर G है जिससे पैन होल्डर के नाम का पहला अक्षर पता चलता है।

 

इसके बाद बाकी के चार अक्षर सिक्वेंशियल नंबर होते हैं जो 0001 से 9999 तक हो सकते हैं. जैसे कि ALWPG5809L.पैन का अंतिम अक्षर यानी कि 10वां अक्षर अल्फाबेटिक चेक डिजिट होता है. ALWPG5809L में अंतिम अक्षर L है. इन सभी अंकों और अक्षरों का मेल पैन को एक खास पहचान देता है. हर पैन अपने आप में यूनिक है और वह किसी दूसरे से मेल नहीं खाता. यह नंबर यूनिवर्सल भी है क्योंकि किसी भी संस्था या व्यक्ति का पैन नंबर एक ही बार बनता है. इसमें डुप्लिकेसी नहीं कर सकते. पैन गुम हो जाए तो पहले वाले नंबर पर ही दूसरा पैन ले सकते हैं लेकिन नंबर में अंतर नहीं होता।

PAN यह सुविधा देता है कि व्यक्ति जो भी ट्रांजेक्शन करता है, वह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ लिंक हो जाता है. यहां ट्रांजेक्शन का अर्थ है टैक्स पेमेंट, टीडीएस या टीसीएस क्रेडिट, इनकम रिटर्न, स्पेसीफाइड ट्रांजेक्शन आदि. पैन के जरिये इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पैन होल्डर से जुड़ी निवेश, उधार या अन्य बिजनेस गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठी करता है. बैंकिंग सहित कई कार्यों में पैन नंबर जरूरी है. अब आधार को भी पैन से अपडेट करना जरूरी कर दिया गया है।

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