नए आईटी मध्यस्थ लागू नियम में है ट्विटर और फेसबुक जैसी तमाम बड़ी कंपनियों के लिए अधिक जवाबदेही

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नई दिल्ली, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोमवार को मध्यवर्ती संस्थानों के लिए दिशानिर्देशों के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) जारी किये. इसका उद्देश्य इंटरनेट और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच नए नियमों के लक्ष्यों और प्रावधानों की बेहतर समझ बनाना है।

FAQ जारी करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इंटरनेट यूजर्स के लिए खुला, सुरक्षित और भरोसेमंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि साइबरस्पेस ऐसी जगह नहीं हो सकती, जहां किसी भी तरह के अपराध को शरण मिले।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) में ऐसे सवाल शामिल होते हैं, जिनके बारे में नियमों को लेकर लोग सबसे ज्यादा जानकारी चाहते हैं. इससे यूजर्स को इंटरनेट और सोशल मीडिया के मानदंडों को समझने में आसानी होगी।

भारत सरकार ने इस साल की शुरुआत में नए आईटी मध्यस्थ नियम लागू किए हैं. इसका मुख्य उद्देश्य ट्विटर और फेसबुक जैसी तमाम बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए अधिक जवाबदेही लाना है. नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्राधिकरणों की तरफ से किसी सामग्री को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद 36 घंटे के भीतर उसे हटाने की जरूरत है. इसके साथ ही देश में अधिकारी की तैनाती के साथ एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने की भी आवश्यकता है।

सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर अश्लीलता या छेड़छाड़ कर लगाए गए फोटो वाले पोस्ट को हटाने की जरूरत होती है. प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को मासिक आधार पर अनुपालन रिपोर्ट भी देने की जरूरत है. इसमें उन्हें प्राप्त शिकायतों और उसे दूर करने के लिये उठाये गये कदमों के मामले में जानकारी देनी होगी. प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में वे इकाइयां शामिल हैं, जिनके उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है।

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