अब पता चल सकेगी तारों की असली उम्र, नासा ने की तारों को लेकर नई खोज

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वाशिंगटन, नासा ने तारों को लेकर नई खोज की है जो तारों की उम्र मापने का पैमाना बदल सकती है। इस खोज में नासा के वैज्ञानिकों ने पाया है कि पुराने तारे जिनमें न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन बंद हो चुकी है और वे अपने आखिरी पड़ाव पर होते हैं। उन तारों में भी हाइड्रोजन गैस जलती रहती है। इस वजह से वो अपनी वास्तविक उम्र की तुलना में काफी नए प्रतीत होते हैं। इस खोज के बाद वैज्ञानिक जिस आधार पर तारों के समूह की उम्र का अनुमान लगाते हैं, उसमें बदलाव हो सकता है।

नासा ने White Dwarf Stars की खूबसूरत तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि ये खोज बड़ी खबर है। क्या मरने वाले सितारे जवान दिखने का राज छुपा सकते हैं? हबल के नए सबूत बताते हैं कि सफेद बौने तारे अपने जीवन के अंतिम चरण में हाइड्रोजन जलाना जारी रख सकते हैं, जिससे वे वास्तव में जितने युवा दिखते हैं, उससे कहीं अधिक युवा दिखाई देते हैं! यह खोज बड़ी खबर है, क्योंकि यह खगोलविदों के स्टार क्लस्टर की उम्र को मापने का पैमाना बदल सकती है, जिसमें ब्रह्मांड में सबसे पुराने सितारों की पहचान की जाती है।

इस शोध का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों ने समझाया, “हमें पहला प्रमाण मिला है कि सफेद बौने तारे अभी भी स्थिर थर्मोन्यूक्लियर गतिविधि से गुजर सकते हैं। यह काफी आश्चर्य की बात थी, क्योंकि यह धारणा के विपरीत है।” सफेद बौने तारों ने अपने जीवन के अंतिम चरण के दौरान अपनी बाहरी परतों को हटा दिया है। ब्रह्मांड के सभी तारों में से लगभग 98% तारे हमारे सफेद बौने तारे बनकर समाप्त हो जाएंगे। हमारा सूर्य भी इनमें से एक है।

वैज्ञानिकों ने आगे बताया कि ” हबल के वाइड फील्ड कैमरा 3 का उपयोग करते हुए टीम ने M3 और M13 को पास से देखा और 700 से अधिक तारों की तुलना की। उन्होंने पाया कि एम 3 में दो तरह के तारे होते हैं, पहले वो जो अपनी कोर को ठंडा कर रहे होते हैं और दूसरे वो जिनकी बाहरी सतह में हाइड्रोजन जलती रहती है और वो धीरे-धीरे ठंडे होते हैं। शोधकर्ता यह दिखाने में सक्षम थे कि M13 में लगभग 70% सफेद बौने तारे अपनी सतहों पर हाइड्रोजन जला रहे हैं।

हाइड्रोजन जलाने वाले सफेद बौने तारे इन आयु अनुमानों को एक अरब वर्ष तक गलत साबित कर सकते हैं। क्योंकि ये तारे अरब वर्ष पुराने हो सकते हैं, पर उनकी सतह पर हाइड्रोजन जलने के कारण वैज्ञानिक उन्हें युवा तारा मान रहे थे। उन्होंने कहा “हमारी खोज सफेद बौनों की परिभाषा को चुनौती देती है क्योंकि हम सितारों के पुराने होने के तरीके पर एक नए दृष्टिकोण पर विचार करते हैं। अब हम एम 13 के समान अन्य समूहों की जांच कर रहे हैं ताकि उन परिस्थितियों के बारे में पता किया जा सके जो सितारों को पतले हाइड्रोजन लिफाफे को बनाए रखने के लिए प्रेरित करती हैं और उनकी उम्र लंबी कर देती हैं।”

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