अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp

प्रयागराज, निरंजनी अखाड़े के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। प्रयागराज के बाघंबरी मठ के एक कमरे में उनका शव पंखे से लटका मिला। उनके कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में परेशान होने की बात लिखी है जिसमें शिष्य आनंद गिरि समेत कई नामों का जिक्र है।

पुलिस के अनुसार उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को हिरासत में लिया है। तीनों पर महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। आनंद गिरि को हरिद्वार से पुलिस और एसओजी ने गिरफ्तार किया और रात में ही उन्हें पुलिस सड़क मार्ग से यूपी के लिए रवाना हो गई। वहीं प्रयागराज के जार्ज टाउन थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। आईपीसी 306 के तहत यह एफआईआर दर्ज की गई है। आनंद गिरि के खिलाफ एफआईआर नामजद है जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

उत्तर प्रदेश के एडीजी (क़ानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी की महंत जी ने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर आईजी और उनकी टीम मौके पर पहुंची और उनके शरीर को पंखे से उतारा। हमको मौके से सुसाइड नोट मिला था जिसपर उन्होंने आनंद गिरि तथा दो अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तुरंत कार्रवाई करते हुए हमने आनंद गिरि को उत्तराखंड पुलिस की सहायता से हरिद्वार से हिरासत में लिया। एक टीम वहां भेजी जा रही है जो पूर्ण सुरक्षा के बीच उसको लाएगी और आगे की पूछताछ इसमें की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड से भी जांच कराई गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच होगी। वहीं, यूपी सरकार ने इस पूरे मामले को देखते हुए आपात बैठक बुलाई है।

नरेन्द्र गिरि की मौत के मामले में उत्तराखंड पुलिस की मदद से यूपी पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से अपनी हिरासत में ले लिया है। आनंद गिरि ने कहा कि मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि गुरूजी की हत्या की जांच हो।

नरेंद्र गिरि के निधन की खबर मिलते ही संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई। संतों ने इसे हत्या कहते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। नरेंद्र गिरि के निधन की सूचना मिलते ही पीएम मोदी, सीएम योगी समेत तमाम लोगों ने दुख जताया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे नरेंद्र गिरि के एक शिष्य ने घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। मठ में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। आश्रम के शिष्यों को भी किसी चीज को छूने या इधर उधर करने पर रोक लगा दी गई।

पुलिस ने कहा है कि उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें शिष्य आनंद गिरि का जिक्र है। सुसाइड नोट वसीयत की तरह है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि आश्रम के बारे में क्या करना है और वसीयत नामा भी लिखा है। वसीयतनामे में लिखा है कि किसका ध्यान रखा जाना है। किस को क्या दिया जाना है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि मैंने आत्महत्या की है क्योंकि वे अपने शिष्य से दुखी थे। प्रयागराज आईजी के.पी. सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सुसाइड का मामला लग रहा है।

Related Posts

Header

Cricket

Panchang

Gold Price


Live Gold Price by Goldbroker.com

Silver Price


Live Silver Price by Goldbroker.com

मार्किट लाइव

hi Hindi
X