रिश्तेदार ने ही रिश्तेदार को लूट लिया, की लाखों की लूट, 2 आरोपी पुलिस गिरफ्त में

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फरीदाबाद, हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक रिश्तेदार ने ही दूसरे रिश्तेदार को लूट लिया है. जिस शख्स से लूटपाट हुई है, वह सीकरी गावं के मार्केट में मनी ट्रांसफर एजेंट है और मोबाइल की भी दुकान चलाता है. आरोपियों ने उसके साथ लाखों रुपयों लूट की. पुलिस ने वारदात में शामिल 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम सुनील और विक्रम है. आरोपी सुनील, जहां गुरुग्राम के लोहसिंघानी गांव में रहता है, वहीं आरोपी विक्रम फरीदाबाद के कबूलपुर गांव का निवासी है.

14 अगस्त को फरीदाबाद के थाना सेक्टर-58 में पीड़ित अनिल ने अपने साथ हुई लूट की शिकायत दी थी, जिसके बाद से पुलिस ने आपराधिक साजिश, लड़ाई-झगड़ा और अवैध हथियार अधिनियम की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी सुनील ने अपने साथी विक्रम के साथ मिलकर मनी ट्रांसफर एजेंट की रेकी की थी. इनके 2 अन्य साथियों अजय और सचिन ने इसी रेकी के आधार पर पीड़ित के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था.

पीड़ित अनिल ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा है कि वह सीकरी गांव में रहता है. सीकरी के बाजार में ही उसकी मोबाइल और मनी ट्रांसफर की एक दुकान है. 13 अगस्त की रात करीब 10.30 बजे जब वह अपनी दुकान बंद करके घर की तरफ लौट रहा था, तभी हरफला रोड पर पीरबाबा चौक के पास पहुंचते ही एक मोटर साइकिल पर सवार 2 लड़कों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसके बैग को छीनने की कोशिश की. बैग में एक लैपटॉप, 5 मोबाइल, 3,28,000 रुपये कैश थे.

जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो एक आरोपी ने पीड़ित के सिर पर देसी कट्टे का बट मारा और बैग छीनकर मौके से फरार हो गया. पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की गई. पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए थे.

पुलिस ने 17 अगस्त को इस मामले में खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपी सुनील को बटनदार चाकू के साथ कैली बाईपास मोड़ से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद आरोपी सुनील की निशानदेही पर आरोपी विक्रम को कुबूलपुर से गिरफ्तार किया गया. आरोपियों को अदालत में पेश करके 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसमें पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी सुनील, पीड़ित अनिल का रिश्तेदार है और इस वारदात का मास्टरमाइंड भी सुनील ही है.

वारदात में शामिल सभी आरोपी नशे की लत के शिकार हैं. कोई रोजगार नहीं होने की वजह से नशे की तलब में उन्होनें इस वारदात को अंजाम दिया था. आरोपी सुनील अक्सर अनिल की दुकान पर आता रहता था. उसे इस बात की जानकारी थी कि अनिल रात को दुकान बंद करके पैसे और मोबाइल लेकर पैदल ही अपने घर पर जाता है. सुनील ने सोचा कि अगर मौका देखकर अनिल से पैसे छीन लिए जाएं तो वे एक झटके में ही लखपति बन जाएंगे और मोटा माल उनके हाथ आ जाएगा. आरोपी सुनील ने अपने साथी विक्रम, अजय और सचिन के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई.

इस योजना के तहत आरोपी सुनील और विक्रम ने मिलकर तीन-चार दिनों तक अनिल की रेकी की. वारदात के दिन जब पीड़ित अपने दुकान से पैसे लेकर घर की तरफ निकला था तो इन्होंने इसकी सूचना अजय और सचिन को दे दी. जिसके बाद वे पीड़ित के पीछे लगे और बैग छीनकर फरार हो गए.

वारदात को अंजाम देने के बाद पैसों के बटवारे में आरोपी सुनील और विक्रम के हिस्से में 25-25 हजार रुपये आए थे. इस हिसाब से दोनों के हिस्से में 50 हजार रुपये आए, जिसमें से क्राइम ब्रांच ने 35 हजार रुपये, छीना गया लैपटॉप और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद कर ली है. आरोपियों को जेल में भेज दिया गया है. फरार आरोपी सचिन और अजय की तलाश जारी है.

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