रात का बढ़ता तापमान ले रहा है केवल पुरुषों की जान, महिलाएं सुरक्षित, एक शोध में हुआ खुलासा

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp

नई दिल्ली, गर्मियों की रात में तापमान बढ़ने से पुरुषों के मरने की संभावना अधिक हो जाती है. एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है. स्टडी के मुताबिक, सामान्य गर्मी के ऊपर केवल 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से ही दिल से जुड़ी बीमारियों से मौत का खतरा लगभग 4 प्रतिशत बढ़ जाता है।बीएमजे ओपन में प्रकाशित इस नई रिसर्च के अनुसार, रात में तापमान बढ़ने से मौत का खतरा केवल पुरुषों में ही देखा गया है. हालांकि महिलाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।

आशीष मिश्रा की जमानत खारिज करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 30 मार्च को होगी सुनवाई

पिछली स्टडीज में पाया गया था कि गर्म मौसम के कारण मौत और दिल के मरीजों की संख्या बढ़ती है. लेकिन इस संबंध में किसी खास आयु वर्ग के लोगों का जिक्र नहीं था. इसलिए टोरंटो यूनिवर्सिटी की एक टीम ने 60-69 आयु वर्ग के लोगों की मौत के मामलों को देखा. इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिक्स के 2001 से 2015 के बीच जून-जुलाई में दिल की बीमारियों से हुई मौतों के आंकड़े जुटाए थे।

उत्तर प्रदेश में 100 दिनों में युवाओं को 20 हजार सरकारी नौकरियां और 50 हजार रोजगार देगी योगी सरकार

स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने इंग्लैंड और वेल्स जैसे देशों को चुना था, क्योंकि इन महीनों में यूनाइटेड किंगडम में गर्मी सबसे तेज होती है. उन्होंने वॉशिंगटन के किंग काउंटी से भी इसी तरह के आंकड़े जुटाए थे, जहां का मौसम लगभग ऐसा ही रहता है।

700 अमेरिकी नागरिकों को बनाया शिकार, फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के जरिये की लाखों की ठगी, पुलिस ने पहुँचाया हवालात

नतीजे बताते हैं कि 2001 से 2015 के बीच इंग्लैंड और वेल्स में दिल की बीमारियों से कुल 39,912 लोगों की मौत हुई, जबकि किंग काउंटी में 488 लोग मरे. शोधकर्ताओं ने पाया कि इंग्लैंड और वेल्स के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से 60-64 साल के पुरुषों में दिल की बीमारी से मौत के जोखिम की दर 3.1 प्रतिशत रही. इस वर्ग में बुजुर्ग और महिलाएं शामिल नहीं थे।

पेट्रोल पहुंचा शतक के पार तो डीज़ल भी बराबरी करने को बेकरार, जानिए क्या है ताज़ा हाल

वहीं, किंग काउंटी के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से 65 या इससे कम उम्र के पुरुषों में दिल की बीमारियों से मौत के जोखिम की दर 4.8 प्रतिशत थी. इंग्लैंड और वेल्स जैसे देशों को लेकर शोधकर्ताओं ने चिंता जाहिर की है, क्योंकि हाल ही में यहां रात के समय तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इन आंकड़ों को देखते हुए मध्य-अक्षांश से उच्च-अक्षांश क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के जोखिमों की भी समान रूप से जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी ने किया विभागों का बंटवारा, जानिए किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग

दिल की बीमारियों में हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट जैसी घटनाएं हो सकती हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि रात में पसीने, सीने में जकड़न या बेचैनी जैसे लक्षण हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड में हर साल करीब 80,000 लोग हार्ट अटैक से जुड़े मामलों के चलते अस्पताल जाते हैं. इसलिए इसके लक्षण कभी इग्नोर नहीं करने चाहिए।

Related Posts

Cricket

Panchang

Gold Price


Live Gold Price by Goldbroker.com

Silver Price


Live Silver Price by Goldbroker.com

मार्किट लाइव

hi Hindi
X