कहीं गर्मी का क़हर तो कहीं बारिश का तांडव, जानिए कहाँ का कैसा रहेगा मौसम और क्या कहता है IMD का एलर्ट

नई दिल्ली, देशभर में मौसम के अलग अलग रूप देखने तो मिल रहे हैं. कहीं भारी बारिश से बाढ़ के हालातों के बीच हाहाकार मचा है. तो कहीं जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है.

इस बीच मौसम के रौद्र रूप के चलते कई लोगों की मौत की खबर है. महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में वर्षा के कारण हुए हादसों में छह बच्चों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई तथा हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. मुंबई और उसके उपनगरों में मंगलवार सुबह भारी बारिश हुई और कुछ ही घटों में शहर के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई और कुछ स्थानों पर यातायात बाधित हो गया. पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश हुई, जबकि राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में हल्की से मामूली बारिश हुई. राज्य में सबसे अधिक आठ सेंटीमीटर बारिश माउंट आबू और प्रतापगढ़ में हुई. आज भी दिल्ली-एनसीआर में सुबह से बादल गरज रहे हैं. लेकिन जिस तरह से मानसून ने अभी तक आंख मिचौली खेली है उसके बाद अब लोग सावन की बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

दिल्ली में थोड़ी राहत ज्यादा आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश होने के बाद मंगलवार सुबह तापमान में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, शहर के कई हिस्सों में जलजमाव के कारण यातायात प्रभावित हुआ. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, सुबह साढ़े आठ बजे हवा में आर्द्रता का स्तर 93 प्रतिशत रहा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में दिल्ली में दो मिमी बारिश दर्ज की गई.

मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के अलग अलग जिलों में मौसम के कई रूप देखने को मिल रहे हैं. कुछ जिलों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं. वहीं आगर मालवा जिले के सोयतखुर्द में मंगलवार दोपहर बिजली गिरने से एक शासकीय स्कूल के तीन छात्रों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गये. वहीं पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.

उत्तर प्रदेश के मौसम का हाल

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली. वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के 68 जिले बारिश न होने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इसके कारण इस बार खरीफ की फसलों की बुआई और धान की रोपाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, ‘फिलहाल उत्तर प्रदेश में मानसून की सामान्य बारिश होने के अभी करीब एक हफ्ते तक आसार नहीं हैं. हालांकि कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है. यूपी में अबतक महज 35 फीसदी बारिश हुई है. यानी यूपी के लोगों में सावन की झमाझम बारिश का इंतजार अभी बाकी है.

गुजरात का हाल बेहाल

गुजरात के कई हिस्सों में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रही और पिछले 24 घंटे में बारिश संबंधी घटनाओं में और छह लोगों की जान चली गई. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राज्य में बारिश संबंधी घटनाओं में एक जून से अभी तक 69 लोगों की जान जा चुकी है. राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से कुल 27,896 लोगों को निकाला गया, जिनमें से 18,225 अब भी आश्रय गृहों में है और बाकी अपने घर लौट गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण गुजरात के जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश जारी है तथा सौराष्ट्र क्षेत्र में कच्छ तथा राजकोट के कुछ इलाकों में सोमवार रात से भारी बारिश हो रही है.

‘स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ (SEOC) के अनुसार, कच्छ के अंजार तालुका में मंगलवार सुबह छह बजे से छह घंटे में 167 मिमी बारिश हुई, जबकि जिले के गांधीधाम तालुका में 145 मिमी बारिश दर्ज की गई. दक्षिण गुजरात के नर्मदा, सूरत, डांग, वलसाड तथा तापी जिलों और राज्य के मध्य भाग के पंचमहल तथा छोटा उदयपुर में भी भारी बारिश हुई.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सौराष्ट्र क्षेत्र के वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, डांग, नर्मदा, छोटा उदयपुर जिलों के साथ-साथ कच्छ, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका और मोरबी में बुधवार सुबह तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. नवसारी जिले में भारी बारिश जारी रहने से पूर्णा तथा अम्बिका नदियां उफान पर हैं, जिससे कुछ निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है. एनडीआरएफ (NDRF) तथा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने एक संयुक्त अभियान में सोमवार रात नर्मदा जिले में राजपीपला के पास कर्जन नदी तट पर अचानक पानी बढ़ने से फंस गए 21 लोगों को निकाला.

महाराष्ट्र के कई जिलों में रेड अलर्ट

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार जारी भारी बारिश के कारण हुए हादसों में तीन बच्चों समेत कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी और बाढ़ग्रस्त इलाकों से 95 लोगों को बचाया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के 13 दल और राज्य आपदा मोचन बल के तीन दल प्रदेश के संकटग्रस्त जिलों में तैनात किए गए हैं. मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए नासिक, पालघर और पुणे जिलों में अत्यधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण नासिक शहर में मंगलवार को स्कूल और कॉलेज बंद रहे तथा लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया. उन्होंने बताया कि नासिक शहर में मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 97.4 मिमी बारिश हुई. बहरहाल, बाद में बारिश रुक गई, जिससे लोगों को राहत मिली.

श्रद्धालुओं को चोटें आई

अधिकारियों ने बताया कि जिले के सप्तश्रृंगी मंदिर के पास सोमवार को बहुत तेज बारिश हुई. पानी भर जाने के कारण मंदिर की सीढ़ियों पर छह श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आई हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि मुंबई के पालघर जिले में मंगलवार सुबह साढ़े बजे तक पिछले 24 घंटों में 109.9 मिमी बारिश हुई. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के एक दल को पालघर जिले में एहतियातन तैनात किया गया है. ठाणे जिले में सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 106.3 मिलीमीटर वर्षा हुई. अधिकारियों ने बताया कि मुंबई के उपनगर में एक ढांचा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक व्यक्ति डूब गया.

महाराष्ट्र के नागपुर जिले में मंगलवार को बाढ़ में एक पुल से एक एसयूवी वाहन के बह जाने के कारण मध्य प्रदेश के तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग लापता हैं. पुलिस ने यह जानकारी दी. हादसे में मारे गए लोग मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के रहने वाले थे. ठाणे नगर निगम की क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन इकाई के प्रमुख अविनाश सावंत ने बताया कि दोपहर को राबोडी स्थित रहमत नगर इलाके में एक मकान का एक हिस्सा ढह गया, लेकिन इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ.

महाराष्ट्र के पुणे जिले के चाकन इलाके में मंगलवार को पानी से भरे गड्ढे में चार से आठ साल के तीन भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि रत्नागिरी जिले में पिछले 24 घंटों में 63.4 मिमी बारिश हुई, लेकिन जगबुड़ी को छोड़कर तटीय जिले में कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है. दमकल विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुणे शहर में भारी बारिश के बाद एक जीर्ण-शीर्ण आवासीय ढांचे का एक हिस्सा गिरने से चार लोग घायल हो गए. गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने नासिक जिले में गंगापुर बांध से 284.16 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने नासिक जिले में 70 और गढ़चिरौली जिले से 25 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

दिल्ली में कब मिलेगी पूरी राहत?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में हल्की-फुल्की बारिश होती रहेगी. वहीं 19 से 20 जुलाई के आसपास बादल पूरी दिल्ली और समूचे एनसीआर को तरबतर कर सकते हैं.

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