“World Brain Stroke Day पर विशेष” ठंड में बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, शरीर के लिए ज़रूरी है पर्याप्त पानी

नयी दिल्ली, आज 29 अक्टूबर को world brain stroke day मनाया जाता है यह दुनियाभर में लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बनता है। हल्की -हल्की सर्दी शुरू हो गई है इस मौसम में brain stroke का खतरा ज्यादा रहता है इसके अलावा हमारी कई छोटी गलती है जो इसका कारण बन सकता है।

डॉक्टर्स के अनुसार स्ट्रोक के सभी ट्रीटमेंट आज आसानी से उपलब्ध है और आम जनता में इसकी अवेयरनेस की कमी है। सही मायने में इस बात से अनजान है ,इसका इलाज कैसे किया जाता है और इलाज के लिए किस डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ऐसे में हम बताना चाहते हैं कि उन्हें एक न्यूरोलॉजिस्ट्स से कंसल्टेंट्स चाहिए जो एक सीटी स्कैन की सलाह देकर सही इलाज कर सकता है।
स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें ब्रेन डैमेज हो जाता है ,इसे ब्रेन अटैक भी कहते हैं ऐसा तब होता है जब ब्रेन में खून सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है ब्रेन की टिशूज में ऑक्सीजन और खून की कमी हो जाती है और स्ट्रोक आता है यही नहीं जब ब्रेन में ब्लड वेसल्स फट जाती है तो इसे ब्रेन हेमरेज कहते हैं और इसी तरह का एक कारण भी बन सकता है जिसे हेमोरेजिक स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है।

ठंड में इस स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है

ठंड में इस स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है ,अब ठंड में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ जाता है इसका। जवाब है कि सर्दियों में स्ट्रोक अधिगम इसलिए होते हैं कि कि कि ठंड के मौसम में ब्लड गाढ़ा हो जाता है। इससे ब्रेन में सही तरीके से ब्लड फ्लो नहीं हो पाता है । इससे स्ट्रोक होता है । यह भी जान ले कि यूरोप के बाकी हिस्सों की तुलना में भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में स्ट्रोक अधिक आम है। सर्दी में ज्यादा देर तक बिस्तर पर पड़े होना और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, शरीर में ब्लड प्रेशर हाई होता है तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वही इस मौसम में भूख अधिक लगती है। तापमान में गिरावट के कारण शरीर का सामान्य तापमान रखना बहुत ही मुश्किल होता है। इसलिए शरीर अपने तापमान सामान्य रखने के लिएअधिक खाना खाता है । इसी खाने को पचाने का काम करना पड़ता है ताकि शरीर को एनर्जी और गर्मी मिलती रह। ठंड की वजह से हम ऐसा करने से आलस करते हैं तो ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है।

कुछ ऐसे लोग हैं जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए ड्रिंक और स्मोकिंग करते हैं। इससे भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है । वही कम पानी पीना भी स्ट्रोक का कारण हो सकता है। सर्दियों में ज्यादातर लोग ऐसा करते हैं जिसकी वजह से उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत होने लगती है। शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए शरीर में उचित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। कम पानी पीने से खून गाढ़ा होने की आशंका बनी रहती है।

गर्दन की गलत मालिश :वहीं कुछ ऐसे लोग हैं जिनके गलत गर्दन की मालिश की वजह से भी स्ट्रोक का खतरा हो सकता है इसकी वजह यह है यह गर्दन की मालिश हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए जैसे ही आप तेज मालिश करेंगे तो वहाँ इरिटेशन और जलन होगी इससे आर्टरी डैमेज होगी और यही स्ट्रोक का कारण है इसलिए गर्दन की मालिश हमेशा कोमल हाथों से करें।

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