लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होगा भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट मैच, 28 साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी हो रही है. उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की पहल पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को टेस्ट मैच की मेजबानी सौंपी है।

यूपी में सिर्फ ग्रीन पार्क स्टेडियम कानपुर और केडी सिंह ‘बाबू’ स्टेडियम लखनऊ ही ऐसे मैदान रहे हैं जहां क्रिकेट मैच खेला गया है।

मैच शुरू होने के महज दो घंटे पहले सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान के साथ अपना दौरा रद्द करने वाली न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले टी-20 विश्व कप के बाद भारत के दौरे पर आएगी और दो टेस्ट मैच खेलेगी. इस सीरीज के पहले टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को मिला है. दूसरे मैच की मेजबानी बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को मिली है. इकाना स्टेडियम में 2016 से प्रथम श्रेणी मैचों का आयोजन होता आ रहा है।

साल 2018 में यहां पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया था. इसके बाद 2020 में भारत व दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय मैच की मेजबानी इकाना स्टेडियम को सौंपी गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इस सीरीज को को रद्द करना पड़ा था. बीसीसीआइ लखनऊ के इकाना स्टेडियम को बड़े क्रिकेट सेंटर के रूप में देख रहा है. अगले वर्ष आइपीएल में दो नई टीमों को जोड़ा जाएगा. ऐसे में बीसीसीआई की सोच लखनऊ को एक प्रमुख क्रिकेट केन्द्र के रूप में विकसित करने की है।

लखनऊ के इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एक साथ 50-60 हजार दर्शक मैच का मजा उठा सकते हैं. गोमती नदी के तट पर बने इस स्टेडियम में नौ पिच हैं. करीब 70 एकड़ क्षेत्र में फैले इस स्टेडियम में 1000 कार और 5000 टू-व्हीलर पार्किंग की व्यवस्था है. करीब 530 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्टेडियम में 4 वीआएपी लाउंज हैं. पहले में 232, दूसरे में 228, तीसरे में 144 और चौथे लाउंज में 120 सीटें हैं. टेस्ट मैच के दौरान रोशनी कम होने पर 6 फ्लड लाइट्स का भी प्रयोग किया जा सकता है।

ग्रीन पार्क में तो समय-समय पर मैच होते रहे हैं, लेकिन केडी सिंह ‘बाबू’ स्टेडियम को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करने का मौका नहीं मिला है. यहां रणजी मैच जरूर होते हैं. लखनऊ में इससे पहले जनवरी 1994 में केडी सिंह ‘बाबू’ स्टेडियम में भारत व श्रीलंका के बीच टेस्ट मैच (18 से 22 जनवरी) खेला गया था. इसमें नवजोत सिंह सिद्धू और सचिन तेंदुलतकर ने शतकीय पारियां खेली थीं. भारत के पहली पारी में 511 रन के जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 218 और दूसरी पारी में महज 174 रन के स्कोर पर सिमट गई थी।

इस मैच में अनिल कुंबले ने भारत के लिए 11 विकेट (पहली पारी में 4 व दूसरी पारी में 7 विकेट) झटके थे. पांच दिन का टेस्ट मैच चार दिन में ही खत्म हो गया था. भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन व श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणतुंगा थे. भारत ने चार दिन में ही एक पारी और 119 से इस टेस्ट मैच को जीता था. उत्तर प्रदेश के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह बहुत बड़ी खुशखबरी है कि उनके राज्य की राजधानी में लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी हो रही है. आइपीएल में दो टीमें बढ़ने वाली हैं उनमें एक लखनऊ और दूसरी अहमदाबाद की टीम होगी.

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