लखमीपुर कांड देखकर वरुण गांधी का खून खौल उठा और उन्होंने अपनी राय जाहिर की : शिवसेना

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मुम्बई,  यूपी के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में शिवसेना ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने सोमवार को कहा है कि सभी किसान संगठनों को इस मुद्दे पर उनके रुख की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में यह भी पूछा गया कि क्या उत्तर प्रदेश के लखमीपुर खीरी में हुई भयावह घटना को देखने के बाद भी अन्य सांसदों का खून ‘ठंडा’ हो गया था? इस महीने की शुरुआत में खीरी में चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे। चार किसानों की मौत पर किसान नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया हुई, जबकि विपक्षी दलों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र और यूपी सरकारों पर हमला किया।

शिवसेना ने संपादकीय में लिखा है कि वरुण गांधी इंदिरा गांधी के पोते और संजय गांधी के बेटे हैं। लखमीपुर कांड देखकर उनका खून खौल उठा और उन्होंने अपनी राय जाहिर की। वरुण ने बिना किसी परिणाम के बारे में सोचे-समझे राजनीतिक साहस दिखाया और किसानों की हत्या की निंदा की। संपादकीय में लिखा गया, ”किसान नेताओं को वरुण गांधी की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।” संपादकीय में कहा गया है कि सत्तारूढ़ सहयोगी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस द्वारा ।सोमवार को राज्य में बुलाए गए ‘महाराष्ट्र बंद’ उन लोगों के लिए है जो अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर सकते।

बता दें कि वरुण गांधी ने रविवार को सचेत किया था कि लखीमपुर खीरी घटना को ‘हिंदू बनाम सिख की लड़ाई’ में बदलने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा था कि इस प्रकार की मिथ्या दरारें पैदा करना और जिन जख्मों को भरने में पीढ़ियां लगी है, उन्हें फिर से हरा करना खतरनाक है। वरुण ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

वरुण ने कहा था कि लखीमपुर खीरी में न्याय के लिए संघर्ष गरीब किसानों की नृशंस हत्या को लेकर है और इसका किसी धर्म विशेष से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारी किसानों को खालिस्तानी बताया जाना ना सिर्फ हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए लड़ने और खून बहाने वाले तराई के महान सपूतों का अपमान है, बल्कि राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक भी है।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध करने के दौरान हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक विशेष जांच दल (SIT) ने हिंसा के सिलसिले में आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

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